19/09/26

शब्द की महिमा?

एक शब्द 

सिर्फ एक शब्द 

क्या कुछ कर सकता है?

सिर्फ एक शब्द?


क्या एक शब्द 

कोई तख़्त हिला सकता है?

या दिला सकता है 

सिर्फ़ एक शब्द?    

क्या शब्दों की महिमा 

सच में इतनी है?


किसी ने कहा 

हम सिस्टम बनाते हैं 

और वो सिस्टम 

हमारे लिए काम करते हैं। 

संभव है क्या?


ऐसे ही जैसे 

वो कहते हैं 

सरस्वती 

"तुम्हारी जुबाँ पर बैठती है   

जो भी बोलो 

सोच समझकर बोलो। "

सच है क्या?


देखें?

मान लो आपने कुछ बोला 

और वो कोड 

किसी पार्टी को 

अपने लिए सही लगा 

उन्होंने आपको सुना 

चाहे चोरी छुपे सुना 

या सीधा सीधा कहीं 

और उस कोड को उन्होंने 

अपने हथियार के रुप में 

प्रयोग किया। 


भले के लिए किया?   

या बुरे के लिए किया?

भला आदमी प्रयोग करेगा तो?

भले के लिए प्रयोग होगा?

और 

बुरा आदमी प्रयोग करेगा तो?   


मान लो 

शब्द भी डिज़ाइन हैं 

जैसे हर वो चीज़ 

जो आप देख, सुन 

या समझ सकते हैं 

एक कोड है। 

ऐसे ही 

हर कोड या कोढ़ 

एक डिज़ाइन है। 


ऐसे ही 

जो कुछ आप 

बोल, लिख 

या पेंट कर सकते हैं 

या इशारों से समझा सकते हैं 

वो एक डिज़ाइन है।   

डिज़ाइन भी एक कोड

या कोढ़ है। 


भला आदमी प्रयोग करेगा तो?

भले के लिए प्रयोग होगा?

और 

बुरा आदमी प्रयोग करेगा तो?   


आपकी ज़ुबाँ का भी ऐसा है 

आपने क्या कहा है 

या लिखा है 

या पेंट किया है 

या ईशारा किया है 

उससे ज्यादा 

ये निर्भर करता है 

उसका प्रयोग 

कैसा आदमी कर रहा है?


या शायद जरुरी नहीं 

वो आपके पास पहुँचा ही 

एक कोड या कोढ़ जैसे है?  

उसका प्रयोग या दुरुपयोग 

जहाँ से वो पहुँचा है 

या सिस्टम की तरह 

जिस किसी ने वो बनाया है

उन्हीं द्वारा 

उनके अपने भले के लिए होगा 

उसमें सामने वाला का 

फिर भला हो या बुरा 

इससे उसे क्या लेना देना?


उदाहरण लें?   

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